Thursday, 11 July 2019

कौन है वो?


मेरे होंठों की मुस्कान की असली वजह है वो,
मेरे दिल की धड़कन की असली आहट है वो|
मेरी वीरान राहों की असली मंजिल है वो,
मेरी उदास आँखों का साहिल है वो|
वो साथ है तो दुनिया हसीन सी लगने लगती है,
खूबसूरत सी, अपनी सी लगने लगती है|
ठंडी रात में मीठा सपना है वो,
इस बेगानी दुनिया में बस मेरा अपना है वो|
दिल चाहे बस उसका हाथ थामे रखूं,
यह दो दिलों का प्यारा सा बंधन बांधे रखूं|
उसी से मेरी सुबह होती उसी से मेरी रात,
कौन है वो


मेरे होंठों की मुस्कान की असली वजह है वो,

मेरे दिल की धड़कन की असली आहट है वो|
मेरी वीरान राहों की असली मंजिल है वो,
मेरी उदास आँखों का साहिल है वो|
वो साथ है तो दुनिया हसीन सी लगने लगती है,
खूबसूरत सी, अपनी सी लगने लगती है|
ठंडी रात में मीठा सपना है वो,
इस बेगानी दुनिया में बस मेरा अपना है वो|
दिल चाहे बस उसका हाथ थामे रखूं,
यह दो दिलों का प्यारा सा बंधन बांधे रखूं|
उसी से मेरी सुबह होती उसी से मेरी रात,
मेरी हर बात में होती बस उसी की बात|
जन्नत सी मिल जाती है जब पास मेरे वो होता है,
बिन उसके सब कुछ कोरा कोरा सा होता है|
मेरे जीने की एक आखिरी आस है वो,
इस बेगानी दुनिया में मेरा ख़ास है वो|
                                                           

                                                                                                 -प्रिया


जन्नत सी मिल जाती है जब पास मेरे वो 

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