मेरे होंठों की
मुस्कान की असली वजह है वो,
मेरे दिल की धड़कन
की असली आहट है वो|
मेरी वीरान राहों
की असली मंजिल है वो,
मेरी उदास आँखों
का साहिल है वो|
वो साथ है तो
दुनिया हसीन सी लगने लगती है,
खूबसूरत सी, अपनी
सी लगने लगती है|
ठंडी रात में
मीठा सपना है वो,
इस बेगानी दुनिया
में बस मेरा अपना है वो|
दिल चाहे बस उसका
हाथ थामे रखूं,
यह दो दिलों का
प्यारा सा बंधन बांधे रखूं|
उसी से मेरी सुबह
होती उसी से मेरी रात,
कौन है वो
मेरे होंठों की
मुस्कान की असली वजह है वो,
मेरे दिल की धड़कन
की असली आहट है वो|
मेरी वीरान राहों
की असली मंजिल है वो,
मेरी उदास आँखों
का साहिल है वो|
वो साथ है तो
दुनिया हसीन सी लगने लगती है,
खूबसूरत सी, अपनी
सी लगने लगती है|
ठंडी रात में
मीठा सपना है वो,
इस बेगानी दुनिया
में बस मेरा अपना है वो|
दिल चाहे बस उसका
हाथ थामे रखूं,
यह दो दिलों का
प्यारा सा बंधन बांधे रखूं|
उसी से मेरी सुबह
होती उसी से मेरी रात,
मेरी हर बात में
होती बस उसी की बात|
जन्नत सी मिल
जाती है जब पास मेरे वो होता है,
बिन उसके सब कुछ
कोरा कोरा सा होता है|
मेरे जीने की एक
आखिरी आस है वो,
इस बेगानी दुनिया
में मेरा ख़ास है वो|
-प्रिया
जन्नत सी मिल
जाती है जब पास मेरे वो

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